US-Iran War Ceasefire News Live: 'अमेरिका हमें बार-बार दे रहा धोखा, पूरी ताकत से लड़ेंगे', इस्लामाबाद में बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा बयान
Apr 03, 2026 | by Janjeevan
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US-Iran War Ceasefire News Live: 'अमेरिका हमें बार-बार दे रहा धोखा, पूरी ताकत से लड़ेंगे', इस्लामाबाद में बातचीत से पहले ईरानी विदेश मंत्री का बड़ा बयान
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते पर आज शनिवार को
की राजधानी इस्लामाबाद में बातचीत हो रही है। इसके लिए इस्लामाबाद में जोरशोर से तैयारी चल रही है।
की ओर से ईरान के साथ होने वाले युद्धविराम समझौता पर बातचीत की अगुवाई उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। उनके साथ ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर भी शामिल हैं। वहीं, ईरानी डेलीगेशन का नेतृत्व संसद के अध्यक्ष मोहम्मद गालिबफ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी होंगे। ईरान और अमेरिका के बीच 28 फरवरी को शुरू हुई लड़ाई में 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ है।
ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के तहत बातचीत संभव: ईरान
ईरान के फर्स्ट वाइस प्रेसिडेंट मोहम्मद रेजा अरेफ ने कहा है कि ईरान के साथ शांति बातचीत में एक समझौता हो सकता है, अगर वॉशिंगटन अपने हितों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' की नीति के तहत आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका बातचीत में 'इजरायल फर्स्ट' की नीति पर चलता है तो कोई भी डील संभव नहीं होगी।
अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के लिए अब तक फॉर्मेट तय नहीं
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर वार्ता में शामिल होने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल पहुंच चुके हैं। ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी तस्नीम की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी टीम आज दोपहर इस्लामाबाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शरीफ से मिलेगी। ईरानी डेलिगेशन में 71 लोग शामिल हैं, जो शुक्रवार देर रात को पाकिस्तान पहुंचे। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का फॉर्मेट अभी भी सुनिश्चित नहीं है। बातचीत के लिए कई इंतजाम किए गए हैं, जिसमें आमने-सामने बातचीत और अलग-अलग कमरों में बातचीत, दोनों शामिल हैं। सूत्र ने कहा कि पाकिस्तान ने दोनों स्थितियों के लिए तैयारी कर ली है। इस्लामाबाद या तो दोनों पक्षों के बीच सीधी बातचीत कराने के लिए तैयार है या उनके डेलीगेशन के लिए अलग-अलग जगहों का इंतजाम करके उनके बीच संदेश पहुंचाने के लिए तैयार है।
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरानी अपनी पूरी ताकत से लड़ेगा ताकि अपने लोगों के हितों और अधिकारों की रक्षा की जा सके। ईरानी विदेश मंत्री के बयान से साफ है कि वह अमेरिका के दबाव में नहीं आने वाला है। जिन मुद्दों पर अभी मामला फंसा हुआ है, उनमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना शामिल है। ईरानी संसद के स्पीकर ने भी कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत करके उन्हें हमेशा निराशा हाथ लगी है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि उनका देश पाकिस्तान में अमेरिका के साथ पूरे अविश्वास के साथ बातचीत करेगा। उन्होंने कहा कि इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने बार-बार हमारे साथ विश्वास घात किया है। इस बीच सूत्रों का कहना है कि बातचीत शुरू होने में अभी पेच फंसा हुआ है। ईरानी शहबाज शरीफ से मुलाकात कर रहे हैं। इसके बाद अमेरिका से बातचीत पर फैसला होगा।
ईरान का वार्ताकारों का प्रतिनिमंडल इस्लामाबाद में अपने आवास से निकल चुका है और यह पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के घर पर जा रहा है। ईरान चाहता है कि पाकिस्तान पहले उसे लेबनान में शांति और उसके जब्त किए गए पैसे को दिलाने पर ठोस आश्वासन दिलाए। इसके बाद भी ईरानी दल अमेरिका से बातचीत करेगा। वहीं अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं। पाकिस्तान के डेप्युटी पीएम इशाक डार ने शांति हासिल करने के लिए अमेरिका के पहल की तारीफ की है। डार ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि ईरान और अमेरिका सकारात्मक बातचीत करेंगे।
अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करने से पहले ईरान के प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की है। इससे साफ होता है कि बातचीत में पाकिस्तानी सेना अहम रोल निभा रही है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से अलग मुलाकात करेगा। यह मुलाकात दोपहर 1 बजे तय है। मुंबई में ईरान के कॉन्सुलेट जनरल ने इस्लामाबाद में मौजूद ईरान की सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी के संवाददाता के हवाले से यह जानकारी दी है।
ईरान और अमेरिका से रचनात्मक बातचीत की उम्मीद- इशाक डार
पाकिस्तान के विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार ने इस्लामाबाद में जेडी वेंस का स्वागत करते हुए क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर स्थायी शांति हासिल करने को लेकर अमेरिका की प्रतिबद्धता की तारीफ की है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय से जारी बयान में डार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि 'ईरान और अमेरिका रचनात्मक रूप से बातचीत' करेंगे। उन्होंने इस जंग का स्थायी और टिकाऊ समाधान खोजने की दिशा में दोनों की मदद जारी रखने की पाकिस्तान की इच्छा को दोहराया।
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक बातचीत शुरू होने से पहले दोनों प्रतिनिधिमंडलों के पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ अलग-अलग बैठक करने की उम्मीद है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिधिनमंडल शनिवार को इस्लामाबाद पहुंचा। ईरान का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार देर रात पाकिस्तान पहुंचा था। ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं। उनके साथ विदेश मंत्री अब्बास अराघची समेत की सदस्य शामिल हैं।
जेडी वेंस का असीम मुनीर और इशाक डार ने किया स्वागत
ईरान की मांग के आगे झुकते हुए अमेरिका ने अपने उप राष्ट्रपति जेडी वेंस को पाकिस्तान भेज दिया है। जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने पर पाकिस्तान के डेप्युटी पीएम इशाक डार और सेना प्रमुख असीम मुनीर ने उनका स्वागत किया। इससे पहले ईरान ने साफ कह दिया था कि वह ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ से कोई बात नहीं करेगा। बताया जा रहा है कि अभी बातचीत शुरू होने में देरी हो सकती है।
अमेरिका के ईरान के खिलाफ 39 दिनों तक चले जंग में 39 प्लेन तबाह हुए थे। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया था। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 10 विमान बुरी तरह से डैमेज हो गए हैं। वहीं अमेरिका का कहना है कि उसके विमानों ने लड़ाई के दौरान 13 हजार बार उड़ान भरी। अमेरिका को सबसे ज्यादा ड्रोन का नुकसान उठाना पड़ा है। इसमें 24 तो केवल MQ-9A रीपर ड्रोन ही शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस इस्लामाबाद पहुंचे गए हैं। वेंस अमेरिकी वायुसेना के Boeing C-32A प्लेन से पहुंचे हैं। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान ईरानी हवाई क्षेत्र से परहेज किया। इस बीच ईरान ने भी अपने 80 सदस्यीय दल को भेज दिया है। ईरान ने शर्त रखी है कि लेबनान में जंग रुके और ईरानी जब्त परिसंपत्तियों को उसे वापस दिया जाए। यह कई अरब डॉलर है जो कतर और दक्षिण कोरिया में है। अमेरिका और ईरान की बातचीत पर दुनिया की नजर है।
अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा आकलन किया गया है कि ईरान के पास अभी भी हजारों की तादाद में मिसाइलें हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने भीषण बमबारी की है लेकिन अभी भी उसकी मिसाइल और ड्रोन ताकत बनी हुई है। इसी से अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रेट खुलवाने से बच रही है। अमेरिका लगातार ईरान पर दबाव डाल रहा है कि वह होर्मुज स्ट्रेट को बिना टोल के खोले।
अमेरिकी दल में विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल, ईरानी दल में 80 लोग
ईरान से बातचीत करने के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच रहा है। अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक इसमें उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, ट्रंप के दामाद जेरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के अलावा विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिकी सेना के मध्य कमान के कमांडर भी बातचीत में शामिल होंगे। वहीं ईरानी दल में 80 से ज्यादा लोग शामिल हैं। इसमें विदेश मंत्री अब्बास अराघची और ईरानी सेना से जुड़े लोग हैं।
होर्मुज बंद हो जाएगा, अपेक्षा नहीं की थी, इजरायली राजदूत का बड़ा बयान
इजरायल के ऑस्ट्रेलिया के लिए राजदूत हिलेल नेवमैन ने कहा है कि उन्हें जंग में जाते समय उम्मीद नहीं थी कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर देगा। इस बयान से साफ जाहिर है कि ईरान ने अपनी रणनीति से इजरायल और अमेरिका दोनों को भौचक्का कर दिया। राजदूत ने कहा कि जिन दुष्परिणामों को कल्पना की गई थी, उसमें ऊर्जा की सप्लाई को बाधित करना शामिल नहीं था।
ब्रिटेन अगले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बिना किसी टोल के दोबारा जहाजों के लिए खोलने के मुद्दे पर अपने सहयोगी देशों के साथ अहम बातचीत करने जा रहा है। इस अहम समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ते तनाव के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ब्रिटिश विदेश मंत्री यवेट कूपर की मेजबानी में 2 अप्रैल को हुई वर्चुअल बैठक में शामिल देशों के प्रतिनिधियों के साथ यह अगली चर्चा होगी। इस बैठक में 40 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए थे, साथ ही यूरोपीय संघ और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन जैसे अंतरराष्ट्रीय संगठन भी मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए समन्वित आर्थिक और राजनीतिक कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। इसमें संभावित प्रतिबंध लगाने जैसे विकल्प भी शामिल हैं। साथ ही, स्ट्रेट में फंसे हजारों जहाजों और नाविकों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा होगी।
इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत से पहले इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के नबातीह प्रांत हवाई हमले किए हैं। अल जजीरा ने बताया है कि ये हमले तूल और जेबचित कस्बों में किए गए हैं। इजरायली सेना की ओर से इस हमले की तत्काल कोई पुष्टि नहीं की गई है। न ही किसी के हताहत होने की कोई शुरुआती रिपोर्ट मिली है।
ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्लामाबाद गए तेहरान के प्रतिनिधिमंडल में 71 लोग शामिल हैं। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य वार्ताकार दल, विशेषज्ञ सलाहकार, मीडिया प्रतिनिधि, राजनयिक और सुरक्षा टीमें शामिल हैं। इस दल का नेतृत्व ईरान की संसद के स्पीकर गालिबफ कर रहे हैं। ईरानी प्रतिनिधिमंडल में ये लोग शामिल हैं-
सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव अली अकबर अहमदीन
अमेरिका और इजरायल ने माना- ईरान की हमला करने की क्षमता मौजूद
अमेरिका और इजरायल के आकलन के अनुसार, ईरान की सेना काफी कमजोर हो गई है, लेकिन यह माना है कि उसके पास अभी भी मारक क्षमता मौजूद है। अधिकारियों का कहना है कि ईरान के आधे से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर नष्ट हो गए हैं। उन्हें नुकसान पहुंचा है या वे जमीन के नीचे दब गए हैं। आकलन के अनुसार, तेहरान की मिसाइलों का जखीरा भी लगभग आधा रह गया है। हालांकि, इनमें से कई लॉन्चरों को फिर से हासिल करके दोबारा इस्तेमाल में लाया जा सकता है।
दक्षिण अफ्रीका में ईरान के दूतावास ने एक्स पर एक पोस्ट लिखी है, जिसमें बस इतना कहा गया है कि 'पूर्व शर्तें मान ली गई हैं।' इसके अलावा इसमें कोई जानकारी नहीं दी गई है। ईरान ने बातचीत शुरू करने के पहले दो शर्तें रखी हैं- लेबनान में युद्धविराम और उसकी जब्त की गई संपत्तियों को रिहा करना। ईरान की सरकारी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया है कि अगर बातचीत के लिए तेहरान की शर्तें पूरी हो जाती हैं, तो शनिवार दोपहर को इस्लामाबाद में बातचीत शुरू होने की उम्मीद है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य को बहुत जल्द खुलवा होगा। उन्होंने इस बारे में विस्तार ने नहीं बताया और माना कि यह कोई आसान कदम नहीं होगा। उन्होंने कहा, होर्मुज स्ट्रेट अपने आप खुल जाएगा। हम इसे बहुत जल्द खुलवा लेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे देश भी इस जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए दूसरे देश भी आगे आ रहे हैं और वे मदद करेंगे। यह पूछे जाने पर कि अच्छी डील कैसी दिखेगी, 'ट्रंप ने कहा कि कोई परमाणु हथियार नहीं। यही इसका 99% हिस्सा है।'
अमेरिका के साथ सीजफायर पर बातचीत करने के लिए ईरानी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान पहुंच चुका है। इसमें दो प्रमुख नाम ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची हैं। अमेरिकी टीम का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस करेंगे। वेंस के साथ टीम में डोनाल्ड ट्रंप के स्पेशल दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर शामिल हैं।
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